Tuesday, 4 March 2025
कुत्ते ने लिया लड़की का मजा by Bks Hindi Kahaniyan #bkshindikahaniyan
पूरी दुनिया खत्म हो चुकी थी इस नई दुनिया में सिर्फ एक लड़की और दो लड़के ही बचे थे । हालातों को देखते हुए , ये लड़की दोनों लड़कों की शारीरिक जरूरते पूरी करने लगी, तीनों के मजे ही मजे चल रहे थे । लेकिन कुछ समय बाद इनकी जिंदगी में एक डॉगी की एंट्री होती है । डॉगी भी इस लड़की के साथ मजे करना चाहता था। जिस के कारण वह ऐसी-ऐसी हरकतें करता है। जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता, डॉगी के कारनामों को जानने के लिए । अच्छे से पूरा पड़े। चलो चलते हैं कहानी की तरफ। पूरी दुनिया में लड़ाई लग चुकी थी, और इस लड़ाई में सभी देश परमाणु धमाके करते हैं । इन धमाकों में जीत तो किसी को नहीं मिलती , लेकिन पूरी दुनिया बर्बाद जरूर हो जाती है । इस बर्बाद दुनिया में सिर्फ तीन ही इंसान जिंदा बचे थे और तीनों किसी वीरान सी जगह पर बेहोश पड़े थे, जल्दी ही सबसे पहले लड़की के शरीर में हलचल होती है । जिसका नाम टीना था,देखते ही देखते टीना को होश भी आ जाता है । लेकिन होश में आते ही बो बहुत तेज चीखी । वो इस नई जगह को देखकर डर गई थी, यहां दूर-दूर तक कोई भी नजर नहीं आ रहा था। उसे बस इतना याद था, कि बो एक पार्टी में गई हुई थी, लेकिन वो यहां कैसे पहुंची इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं था। जल्दी ही वो खुद को संभाल कर ,इस नई जगह को देखने लगी, इसी बीच उसकी नजर राघव पर पड़ती है।जो थोड़ी ही दूर बेहोश पड़ा था,वो जैसे ही उसके पास जाती है ,तो उसे भी होश आ जाता है,राघव भी इस नई जगह को देखकर डर जाता हैं। लेकिन जब उसकी नजर टीना पर पड़ती है।तो वह बेहद खुश हो जाता है,टीना उसकी सगी छोटी बहन थी । दोनों भाई-बहन पार्टी में गये थे । लेकिन दोनों को नहीं पता था कि , वो यहां कैसे पहुंचे दोनों भाई-बहन जिंदा थे, इसलिए दोनों ही खुशी मना रहे थे । जल्दी ही दोनों की नजर तीसरे बेहोश इंशान पर पड़ती है । जिसका नाम आयुष था, देखते ही देखते आयुष को भी होश आ गया,और वह भी इस नई जगह को देखकर हैरान हो गया , बो जल्दी ही खुद को संभालकर अपने जिंदा होने की खुशी मनाने लगा । इस नई जगह को देखकर तीनों समझ गए थे ।कि पूरी दुनिया खत्म हो चुकी है , और पूरी दुनिया में वो तीनों ही जिंदा बचे हैं , कुछ देर बाद तीनों चलने लगे ताकि रहने की कोई जगह ढूंढ सकें तीनों जिंदा तो जरूर थे। लेकिन तीनों के पास रहने की कोई जगह नहीं थी, भूख प्यास तीनों को ही परेशान कर रही थी। काफी देर चलने के बाद वो समुद्र के किनारे पहुंच जाते हैं। समुद्र को देखकर तीनों खुश हो गए । क्योंकि वह मछली खाकर अपनी भूख मिटा सकते थे । तीनों पहले समुद्र में नहाने लगाते हैं, और फिर किनारे पर आराम करते हैं । इसके बाद वो जैसे ही वापस जाने लगते हैं , तो उन्हें किनारे पर कई क्रैब्स दिखते हैं , इतने सारे क्रैब्स देखकर आयुष खुश हो गया , क्योंकि उसे खाने में क्रैब्स बहुत अच्छे लगते थे । टीना और राघव ने कभी भी क्रैब्स नहीं खाए थे । इसलिए वो क्रैब्स देखकर डर गए थे । इससे पहले कि टीना किनारे से दूर जा पाती तभी उसके पैर पर एक क्रैब काटता है । आयुष जल्दी-जल्दी उस क्रैप को मारता है,और फिर उसे खाने लग जाता है। टीना एक तरफ बैठकर अपना पैर देखने लगी , जबकि आयुष लगातार खा रहा था । टीना को दर्द से परेशान होता देखकर आयुष उसके पास आता है । वो जल्दी-जल्दी उसकी ड्रेस को फाड़कर उसके पैर पर बांध देता है । उसके बाद टीना का दर्द कम हो जाता है। तभी आयुष की नजर टीना के शरीर पर पड़ती है । टीना का चिकना गोरा शरीर देखकर वह उत्तेजित हो गया। उधर भूख से परेशान राघव भी क्रैब्स खाने लग जाता है।क्योंकि उसके पास कोई रास्ता नहीं था । देखते ही देखते आयुष की हरकतों ने टीना को इतना उत्तेजित कर दिया । कि वह आराम से उसके साथ संबंध बना सके। जल्दी ही उनका काम हो जाता हैं। थोड़ी देर बाद बो तीनों वहा से चलने लगते है। ताकि रहने की कोई जगह ढूंढ सकें। कुछ देर चलने के बाद उन्हें एक घर नजर आता है । उसके बाद वह जल्दी-जल्दी घर के पास आते हैं । लेकिन इस घर में ना तो पीने का पानी था, और ना ही कोई खाने की चीज थी पूरे घर में कोई भी इंसान नहीं था । लेकिन एक डॉगी जरूर उन्हें छुपकर देख रहा था । तीनों जैसे ही घर से बाहर आते हैं , तो उनकी नजर उसी डॉगी पर पड़ती है, जो घर में छुपकर उन्हें देख रहा था ।डॉगी उन्हें देखकर काफी भौंकता है तीनों समझ गए थे कि वो उन्हें कुछ दिखाना चाहता है , इसलिए तीनों ही उसके पीछे-पीछे चलने लगते हैं। काफी देर चलने के बाद तीनों एक हरी भरी जगह पर पहुंच गए, तीनों इस जगह को देखकर खुश हो गए। क्योंकि यहां खाने पीने की कई चीजें थी इस जगह पर खाने के लिए, कई फल थे और पीने के लिए काफी पानी भी था । इंसानी जिंदगी के लिए यहां सब कुछ था । इसलिए तीनों ने यहीं रुकने का फैसला कर लेते है। कुछ ही देर बाद रात हो गई तीनों ने आग जला ली थी। ये सब उसके पास बैठकर फल खा रहे थे । डॉगी भी इसी जगह पर था , और उसने अभी-अभी एक खरगोश का शिकार किया था । वो खरगोश को नीचे रखकर भौंकने लगा। और तीनों उसकी आवाज सुनकर डर जाते हैं । तीनों को लगा कि कोई खतरा है । इसीलिए डॉगी भौंक रहा है। आयुष हिम्मत दिखाकर आगे बढ़ता है। और जब उसकी नजर खरगोश पर पड़ती है। तो वो बेहद खुश हो जाता है । वो यह बात बाकियों को भी बताता है , कि डॉगी हमारे लिए खरगोश लेकर आया है। डॉगी का कारनामा देखकर तीनों खुश हो गए थे । दरअसल डॉगी भी पका हुआ मांस खाना चाहता था । इसीलिए वो खरगोश को मार कर लाया था। जल्दी ही आयुष मांस को पका लेता है उसके बाद तीनों मिलकर मांस खाने लगते हैं । डॉगी भी मांस मांगता है। तो टीना उसे मांस दे देती है । टीना को डॉगी पर प्यार आने लगा था । इसलिए वो उसका नाम चेतन रख देती है । मांस खाने के बाद आयुष टीना के साथ संबंध बनाने लगा । चेतन भी उनके पास ही बैठा उनकी हर हरकत देख रहा था । राघब को उनकी हरकतें अच्छी नहीं लगतीं है। इसलिए वह दुखी होकर एक तरफ चला जाता हैं। जल्दी ही आयुष अपना पानी निकालकर सो जाता है । जबकि टीना हाथ मुंह धोने लगती है। उसे जब राघब नजर नहीं आता। तो वह परेशान होकर उसे ढूंढने लगती है। जल्दी ही वह राघब के पास पहुंच जाती है। उसे परेशान देखकर वो, उससे उसकी परेशानी का कारण पूछती है। जिस पर राघब उसे बताता है । कि मैं अकेलापन महसूस कर रहा हूं। उसकी बात सुनकर टीना समझ गई थी। कि राघब प्यार चाहता है वो राघब को खुश देखना चाहती थी । इसलिए वो उसे गर्म कर देती है । उसके बाद राघब टीना के साथ संबंध बनाने लगता है । चेतन दोनों की हरकतें देख रहा था। और उसे उनकी हरकतें अच्छी नहीं लगती । अगले दिन दोनों लड़के काम कर रहे थे । लेकिन टीना चेतन के साथ खेल रही थी । दोनों लड़के लकड़ियां काट रहे थे । ताकि वो एक छोटा सा घर बना सकें। टीना चेतन के साथ घूमने फिरने लगी थी । इसी बीच टीना कुछ फल देखकर उन्हें खाने लगती है । लेकिन चेतन एक खरगोश के पीछे लग जाता है । वो फिर से मांस खाना चाहता था । और व जल्दी ही खरगोश मार देता है । कुछ देर बाद तीनों मांस खाने लगे । चेतन भी उनके साथ मांस खाने लगा। तीनों यहां आकर खुश थे। यहां खाने पीने की कोई कमी नहीं थी। और ऊपर से चेतन माँस का इंतजाम भी कर देता था । अब कुछ दिनों बाद उनकी मुश्किलें भड जाती है । दोनों लड़कों के कपड़े फट चुके थे । और उनके पास पहनने को कोई कपड़ा नहीं था। टीना का भी यही हाल था । वो पूरा दिन चेतन के साथ घूमती फिरती रहती थी। और चेतन को भी उसके साथ अच्छा लगने लगा था। दोनों लड़कों का जब भी मन करता । तो वह टीना के साथ प्यास बुझा लेते थे। तीनों यहां रहते-रहते जंगली बन चुके थे। दोनों लड़के जंगलियों की तरह शिकार करते थे। और किसी जानवर को मार कर खा जाते थे। ऐसे ही एक रात टीना मछली पका रही थी। और इसी बीच राघब एक मरा हुआ हिरण उसके पास लाता है । टीना को हिरण का मांस बेहद पसंद था। आयुष भी हिरण देखकर खुश हो गया । राघब ने बहुत मेहनत से इस हिरण का शिकार किया था। उस पक्षी को दूर फेंक देता है । जिसका शिकार चेतन ने किया था। और उसका मांस चेतन को बहुत पसंद था। जल्दी ही तीनों हिरण को पकाकर खाने लगे। जैसे ही चेतन उनसे मांस मांगता है ।तो दोनों लड़के उसे डांट कर भगा देते हैं। मांस खाने के बाद जब टीना अंदर चली गई ।तो उसके पीछे-पीछे राघब भी जाने लगता है । तो आयुष उसे रोक देता है। आयुष टीना के साथ पहले मजे करना चाहता था। वो टीना से मजे करने के लिए राघब से लड़ने को भी तैयार हो गया । राघब उसे अपना पसंदीदा चाकू देता है । चाकू पाकर आयुष खुश हो गया और वो राघब को अंदर जाने देता है । राघब अंदर आकर टीना के साथ मजे करने लगा । जबकि आयुष चेतन का मजाक उड़ाकर उसे भगा देता है। अगली सुबह टीना नदी में नहा रही थी । और चेतन उसे दूर से देखकर उत्तेजित हो रहा था। नहाने के बाद टीना घर में आती है । और उसे दोनों लड़के नजर नहीं आते है । दोनों लड़के शिकार पर गए हुए थे । टीना को अकेली देखकर चेतन भौंकने लगता है। उसकी यह हरकत देखकर टीना डर जाती है । देखते ही देखते चेतन उसे नीचे गिराता है । और फिर चेतन भी टीना के साथ मजे करने लग जाता है । रात को जब दोनों लड़के वापस आते हैं तो । उन्हें घर में टीना और चेतन नजर आते हैं। चेतन दोनों को देखकर भौंकने लगता है। लेकिन टीना मुस्कुराने लगी थी ।दोनों लड़के टीना की मुस्कुराहट देखकर समझ गए थे। कि चेतन ने टीना के साथ क्या किया। आयुष गुस्से में आकर चेतन पर हमला करता है । लेकिन उसका निशाना चूक जाता हैं। जिसके बाद चेतन उस पर टूट पड़ता है। देखते ही देखते उसने आयुष को काफी जख्मी कर दिया था। उसके बाद दोनों लड़के डर कर भाग जाते हैं। थोड़ी देर बाद राघब वापस आकर घर में आग लगा देता है। उसे भी टीना पर बहुत गुस्सा आया था। इसीलिए उसने यह हरकत की थी , टीना और चेतन घर में थे । लेकिन वो दोनों किसी तरह बाहर निकल जाते है।और उसी पल राघब वहां से भाग जाता है । टीना ने उसे भागते हुए नहीं देखा था। इसलिए उसका शक आयुष पर जाता है। चेतन राघब के पीछे लगा हुआ था। लेकिन बीच रास्ते में ही आयुष चेतन पर टूट पड़ता है । वो हर हाल में चेतन से बदला लेना चाहता था । क्योंकि चेतन ने टीना के साथ मजे किए थे। इसी बीच राघब भी आकर चेतन को पकड़ लेता है । उसके बाद दोनों मिलकर चेतन का जबड़ा तोड़ देते हैं। उसी समय चेतन के प्राण निकल जाते है। चेतन का पीछा करते-करते टीना भी उनके पास पहुंच जाती हैं। और उसे पता चल गया था कि, दोनों लड़कों ने मिलकर चेतन को मार दिया है। दोनों की दरिंदगी देखकर वो इतना डर जाती है । कि डर के मारे वह भागने लगती है। राघब उसे पकड़ने की कोशिश तो करता है। लेकिन वह पकड़ नहीं पाता । अगली सुबह आयुष टीना को पकड़ लेता है। वो उसकी इज्जत लूटने ही वाला था कि, तभी राघब आकर उसे रोक देता है । राघब ने फैसला कर लिया था कि , बो ही टीना का प्यार पाएगा। जबकि आयुष टीना पर अपना हक जता रहा था । दोनों लड़के टीना के लिए लड़ने लगे । और लड़ाई में राघब आयुष को मार देता है । और अंत में राघब और टीना ही जिंदा बचे थे । और दोनों मिलकर जिंदगी बिताने लगे थे। यहीं पर इस कहानी का अंत हो जाता हैं। आपको यह कहानी कैसी लगी। कमेंट करके जरूर बताये।
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