मुस्कान, एक खुशमिजाज और चंचल लड़की थी। उसकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जब उसने पहली बार सौरभ को देखा। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करता था, हैंडसम था, और जिम्मेदार भी। मुस्कान को पहली नजर में ही उससे प्यार हो गया। उसने अपने परिवार से कह दिया कि वो सौरभ से शादी करना चाहती है। पर मुश्किल यह थी कि सौरभ का परिवार इस शादी के खिलाफ था। लेकिन प्यार के आगे कोई बंदिश कब रुकी है? सौरभ ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर मुस्कान से शादी कर ली। दोनों मेरठ में एक किराए के मकान में रहने लगे और उनकी जिंदगी काफी खुशहाल थी। कुछ समय बाद उनके घर एक नन्ही सी परी आई—उनकी प्यारी बेटी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वक्त बीतता गया। सौरभ अपने करियर के लिए लंदन चला गया और मुस्कान अपनी बेटी के साथ मेरठ में अकेली रहने लगी। इसी दौरान, मुस्कान की मुलाकात एक पुराने दोस्त से हुई—साहिल। साहिल और मुस्कान स्कूल के दिनों के दोस्त थे, लेकिन वक्त के साथ दोनों अलग हो गए थे।
अब मुस्कान अकेली थी और साहिल भी... दोनों की मुलाकातें बढ़ने लगीं और धीरे-धीरे यह मुलाकातें प्यार में बदल गईं। मुस्कान भूल गई कि उसकी शादी हो चुकी थी, उसकी एक बेटी थी, और उसका एक ऐसा पति था जो उसे बेइंतहा प्यार करता था।
एक दिन, मकान मालिक ने सौरभ को बताया कि मुस्कान और साहिल का अफेयर चल रहा है। यह सुनकर सौरभ के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने मुस्कान से सवाल किया, लड़ाई हुई, और फिर उसने तलाक लेने का फैसला कर लिया। लेकिन मुस्कान तलाक के लिए तैयार नहीं थी। उसने सौरभ को समझाया, उसे यकीन दिलाया कि वो अब कभी साहिल से नहीं मिलेगी।
सौरभ ने मुस्कान पर भरोसा कर लिया, लेकिन यह उसकी सबसे बड़ी गलती थी। जैसे ही सौरभ वापस लंदन गया, मुस्कान और साहिल फिर से मिलने लगे। सौरभ अपने करियर में बिजी था, लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसके पीछे क्या कुछ हो रहा था। 24 फरवरी को सौरभ लंदन से वापस आया था, अपनी बेटी के जन्मदिन के लिए। उसने सोचा भी नहीं था कि यह उसका आखिरी जन्मदिन होगा।
मुस्कान और साहिल ने मिलकर एक खौफनाक योजना बनाई। 3 मार्च की रात, मुस्कान ने सौरभ के खाने में बेहोशी की दवा मिला दी। जब सौरभ बेहोश हो गया, तो मुस्कान और साहिल ने मिलकर चाकू से उसका कत्ल कर दिया।
लेकिन सिर्फ हत्या ही काफी नहीं थी...
साहिल, जो कि नशे का आदी था, अक्सर अजीब-अजीब बातें किया करता था। उसने मुस्कान को भी एक अजीब खेल में फंसा लिया था।
"ये सिर्फ हत्या नहीं होगी, ये वध होगा!" साहिल ने मुस्कान से कहा था।
उसने कहा कि मुस्कान को खुद सौरभ पर पहला वार करना होगा, नहीं तो उसकी आत्मा बदला लेने आएगी।
डर और अंधविश्वास में फंसी मुस्कान ने चाकू उठाया और सौरभ के सीने पर पहला वार किया। इसके बाद साहिल ने कई वार किए, और फिर उसने सौरभ की हथेलियाँ भी काट दीं।
हत्या के बाद, दोनों ने शव को तीन टुकड़ों में काटा और उसे एक बड़े ड्रम में डाल दिया। फिर उसमें सीमेंट भर दिया, ताकि किसी को शव ना मिले।
हत्या करने के बाद, मुस्कान और साहिल एक कैब बुक करके हिमाचल घूमने निकल गए। उन्हें लगा कि कोई उन्हें पकड़ नहीं पाएगा। लेकिन जब उनके पास पैसे खत्म हो गए, तब मुस्कान ने अपनी माँ को फोन कर सारी सच्चाई बता दी।
मुस्कान के माता-पिता ये सुनकर सन्न रह गए। वो खुद पुलिस के पास गए और अपनी बेटी की गुनाह कबूल करवा दी।
जब पुलिस ने जांच की, तो उन्हें साहिल के कमरे से अजीब-अजीब तस्वीरें मिलीं—ब्लैक मैजिक स्टार, पिशाचों की आकृतियाँ, और भगवान शिव की तस्वीर के साथ शैतानी चित्र।
अब मुस्कान और साहिल जेल में हैं। मुस्कान के माता-पिता भी चाहते हैं कि उनकी बेटी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
और यही सच्चाई है...
धोखा देना आसान होता है, लेकिन उसके नतीजे बहुत भयानक होते हैं। अगर सौरभ की एक गलती थी, तो वो यह थी कि उसने अपने रिश्ते को बचाने के लिए गलत इंसान पर भरोसा कर लिया।
"अगर आपके पार्टनर के पास आपके लिए समय नहीं है, तो इसका मतलब ये नहीं कि आप उसे धोखा दें।"
आपको क्या लगता है? क्या मुस्कान को अपने गुनाह की सजा मिलनी चाहिए?
नीचे कमेंट करें और बताएं कि इस कहानी ने आपको क्या सिखाया। और अगर ऐसी कहानियाँ आपको पसंद आती हैं, तो वीडियो को लाइक, कमेंट और हमारे चैंनल 'BkS' हिंदी कहानियां को फॉलो जरूर करें!