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Thursday, 13 March 2025

King of Escape (2009) - पूरी कहानी | Movie Explained in Hindi

 रात को राजेश अपने घर के बाहर टहल रहा था । तभी उसे एक लड़की नजर आती है,जिसके साथ चार लड़के भी थे । राजेश के देखते ही देखते चारों लड़के लड़की के साथ छेड़खानी करने लगते है । राजेश उनके पास आकर कहता है, कि अगर तुम लड़की को छोड़ दोगे, तो बदले में मैं तुम्हें पैसे दूंगा, राजेश की बात सुनकर लड़के रुक गए थे । उसके बाद राजेश उन्हें, ATM से पैसे निकाल कर देने लगा, राजेश ने जिस लड़की की मदद की थी, उसका नाम सोना था, सोना को छोड़कर जल्दी ही लड़के पैसे लेकर चले जाते हैं, उसके बाद सोना राकेश को गले लगाकर उसका धन्यवाद करती है, इसके बाद राजेश उसे अपनी गाड़ी में बिठाकर उसके घर की तरफ बढ़ने लगा, सोना राजेश के बॉस राघब की बेटी थी ।। जल्दी ही सोना का घर भी आ जाता है, वो जैसे ही अपने घर की तरफ जाने लगी, तो राघब बाहर आकर उसे डांटने लगा, क्योंकि उसने आने में काफी देर कर दी थी, सोना जल्दी-जल्दी उसे सब बताती है, कि कैसे राजेश ने मेरी इज्जत बचाई , उसकी बात सुनकर राघब राजेश को भी घर में आने को कहता है, घर में आकर राजेश सब बताता है, कि चार लड़के सोना को छेड़ रहे थे, सारी बात सुनकर राघब और उसकी बीवी राजेश का धन्यवाद करते हैं, राजेश जब जाने लगा, तो सोना उसे अपने कमरे में बुलाती है, उसकी बात मानकर राजेश उसके पास आता है, उसके बाद वह राजेश को किस करती है, राघब के घर से निकलकर राजेश एक पर्ची पढ़ने लगा, यह पर्ची उसे सोना ने तब दी थी ।। जब उसने राजेश को अपने कमरे में बुलाया था, पर्ची पर लिखा था, कि कल मुझे स्कूल से ले जाना, अगली सुबह राजेश साइकलिंग करने के बाद, वो अपने काम पर लग जाता है, लेकिन उसे बार बार वही याद आ रहा था, कि सोना को स्कूल से लेने जाना है, जब स्कूल में छुट्टी होती है, तो वह सोना को लेने स्कूल भी पहुंच जाता है, सोना भी उसे देखकर खुश हो गई थी, लेकिन इसी बीच उसके पापा भी आ जाते है, और सोना को लेकर चले जाते है, अगली सुबह जब राजेश साइकिल चला रहा था, तो उसे एक सुनसान जगह पर सोना मिलती है, राजेश जैसे ही उसके पास आता है, तो सोना उसे किस करने लगती है, राजेश उसे रोककर सड़क से दूर लाता है, और फिर दोनों की बीच की दूरियाँ खतम हो चुकी थी, और फिर राजेश उसे पेलने लगता है, उसके बाद जैसे ही रुकते हैं, तभी उनके पास पुलिस भी पहुंच जाती है, कुछ देर बाद राजेश को पुलिस स्टेशन ले आते है , और अफसर भूपेंद्र उसके पास आकर कहता है, कि तुम 44 के हो, लेकिन तुम 17 साल की लड़की के साथ पकड़े गए ।। राजेश उसे बताता है, कि मैंने लड़की के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की थी, बल्कि उसकी मर्जी से ही सब कुछ हो रहा था, यह सुनकर भूपेंद्र उसे बताता है, कि हमने लड़की के बाप को भी बुलाया था, और उसे सब कुछ बताकर लड़की को जाने दिया , इसके बाद वो राजेश को सोना से दूर रहने की सलाह देता है , क्योंकि सोना एक अमीर बाप की बेटी थी, इसके साथ ही वो राजेश को एक ब्रेसलेट देकर कहता है, कि ये ब्रेसलेट तुम्हारी लोकेशन पुलिस को बताएगा, हमें तुम पर शक है, कि तुम लड़की को भगाकर ले जा सकते हो, इसलिए तुम्हें यह ब्रेसलेट पहनना होगा , तभी तुम यहां से जा सकते हो, राजेश यहां से जाना चाहता था, इसलिए वो भूपेंद्र की बात मानकर ब्रेसलेट पहन लेता है, कुछ देर बाद राजेश सीधा राघब के घर आता है।। राघब इस समय अपने दोस्त से बातें कर रहा था, और राजेश बाहर ही रुककर उनकी बातें सुनने लगा, राघब अपने दोस्त को बता रहा था, कि मैंने राजेश को सेल्समैन की नौकरी से निकाल दिया है, अगर उसने मेरी बेटी के आसपास आने की कोशिश भी की , तो मैं उस कमीने को गोली मार दूँगा, राजेश यहां राघब से माफी मांगने आया था, लेकिन उसके तेवर देखकर वो बाहर से ही चला जाता है, अगले दिन राजेश अपने घर में था , वो अपने हाथ से ब्रेसलेट हटाना चाहता था, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी उसे हटा नहीं पाता, कुछ दिनों बाद राजेश अपना सामान पैक कर रहा था, क्योंकि उसने सोना के साथ भागने की योजना बना ली थी, सोना भी उसे चाहने लगी थी, इसलिए वह सब कुछ छोड़कर उसके साथ भाग जाती है, दोनों ने फैसला कर लिया था, कि वह जंगल से होते हुए दूसरे देश जाएंगे, और फिर वहीं पर शादी करके जिंदगी बिताएंगे, दूसरी तरफ पुलिस ने छान बीन शुरू कर दी थी ।। सोना का बाप बहुत पैसे वाला था, इसलिए उसके कहने पर पुलिस ने पूरा जोर लगा दिया था, पुलिस को ब्रेसलेट की जरिये पता चल गया था, कि राजेश जंगल की तरफ गया है,उधर भागते भागते दोनों जब थक जाते हैं, तो वहीं आराम करते है, और फिर राजेश सोना को पेलता है, पेलने के बाद, दोनों ब्रेसलेट काटने लग जाते है, क्योंकि इसकी वजह से पुलिस उन तक पहुंच सकती थी, सोना किसी तरह ब्रेसलेट तो काट लेती है, लेकिन वो गलती से राजेश को भी जख्मी कर देती है, ब्रेसलेट काटने के बाद, दोनों फिर से भागने लग जाते है, क्योंकि पुलिस इनके आसपास पहुंच चुकी थी, कुछ देर बाद रात हो गई , फिर बो सोना को खूब अच्छी तरीके से पेलता है, उसके बाद दोनों सो जाते हैं ।। अगली सुबह भी दोनों जंगल में ही थे, और जंगल में ही खाने पीने का इंतजाम कर लेते है, खाने पीने के बाद राजेश फिर से, सोना के साथ बैंड बाजे बजाने लगा, और इसी बीच राघब उनके पास पहुंच जाता है, राघब को देखकर दोनों बेहद डर गए, राघब के साथ उसका दोस्त भी था, और उसके हाथ में गन भी थी, राघब को देखकर राजेश इतना डर गया, कि वह भागने लगा और राघब उस पर गोली चलाता है, राजेश गोली से बच जाता हैं, सोना अपने बाप को रोकने की कोशिश करती है, लेकिन वो उसकी बात नहीं सुनता, और राजेश के पीछे लग जाता है, भागते भागते राजेश एक पहाड़ी के किनारे पर रुक जाता है, और तभी राघब भी उसी जगह पर पहुंच जाता है, राघब बेहद गुस्से में था , और वह कभी भी राजेश पर गोली चला सकता था, इसी बीच सोना भी उनके पास पहुंच जाती है, वो फिर से राघब को रोकने की कोशिश करती है, और तभी मौका देखकर पहले राजेश पानी में कूद जाता है, और फिर उसके पीछे-पीछे सोना भी पानी में कूद जाती है ।। सोना की हरकत देखकर, राघब उदास हो जाता है, उसके बाद वह वहां से चला जाता है, राजेश और सोना एक बार फिर से भागने लगे, और भागते भागते बो,एक बंद पड़े घर में पहुंच जाते हैं, घर में आकर दोनों खाना बनाने लगते हे, खाना खाने के बाद राजेश सोना को खूब पेला, सोना को बहुत मजा आ रहा था, इसलिए सोना राजेश से शादी की बात करती हैं, शादी के बाद बच्चे करना चाहती थी, राजेश ने जब ये सुना तो वो परेशान हो जाता है, राजेश सोना के साथ रहना तो चाहता था, लेकिन बो शादी नहीं करना चाहता था, अगली सुबह राजेश सो कर उठता है, तो उसे घर में सोना नजर नहीं आती सोना फल सब्जियां तोड़ने बाहर गई थी, राजेश उसे जल्दी से घर में लाता है, ताकि कोई उन्हें देख ना ले, घर में आते ही सोना नाश्ता बनाने लगी, जबकि राजेश परेशान नजर आ रहा था, सोना उससे परेशानी का कारण पूछती है, लेकिन राजेश कुछ नहीं बोलता और चुपचाप घर से निकल जाता है ।। सोना भी उसके पीछे-पीछे बाहर आती है, और उससे घर छोड़ने का कारण पूछती है, तो राजेश उसे बोलता है, कि मैं अपने घर वापस जा रहा हूँ, मैं तुम्हारे साथ शादी नहीं कर सकता, इसलिए मैं तुम्हें अभी छोड़ रहा हूं , उसकी बात सुनकर सोना परेशान हो गई , राजेश उसे छोड़कर भागने लगा, तभी सोना भी उसके पीछे भागने लगती है, राजेश उससे दूर जाना चाहता था , जबकि सोना उसी के साथ रहना चाहती थी, कुछ देर भागने के बाद जब राजेश थक कर बैठ जाता हैं, सोना भी भागते भागते पहुँच जाती है, फिर सोना उसके पास आती है, सोना को लगने लगा था, कि शायद राजेश का मन बदल गया है, राजेश अपने कपड़े उतारने का दिखाबा करता है, सोना को लगे कि बो उसको पेलना चाहता है, सोना को इतनी समझ नहीं थी, राजेश फिर मौका देखकर सोना के हाथ पैर बांध देता है, उसके बाद वो उसे सड़क के किनारे बैठाकर कहता है, कि जो भी तुम्हें देखेगा वो तुम्हारी मदद जरूर करेगा, इतना कहकर वो वहाँ से चला जाता है ।। तब सोना अकेली रह जाती है, फिर पुलिस को कोई फोन करके बताता है, कि उसे जंगल में एक लड़की मिली है, राजेश अपनी पुरानी जिंदगी में लौट आया था ,और राघब ने भी उसे माफ कर दिया था, क्योंकि सोना सही सलामत घर लौट आई थी, इसी के साथ इस कहानी का अंत होता है, 
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Tuesday, 4 March 2025

कुत्ते ने लिया लड़की का मजा by Bks Hindi Kahaniyan #bkshindikahaniyan

पूरी दुनिया खत्म हो चुकी थी इस नई दुनिया में सिर्फ एक लड़की और दो लड़के ही बचे थे । हालातों को देखते हुए , ये लड़की दोनों लड़कों की शारीरिक जरूरते पूरी करने लगी, तीनों के मजे ही मजे चल रहे थे । लेकिन कुछ समय बाद इनकी जिंदगी में एक डॉगी की एंट्री होती है । डॉगी भी इस लड़की के साथ मजे करना चाहता था। जिस के कारण वह ऐसी-ऐसी हरकतें करता है। जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता, डॉगी के कारनामों को जानने के लिए । अच्छे से पूरा पड़े। चलो चलते हैं कहानी की तरफ। पूरी दुनिया में लड़ाई लग चुकी थी, और इस लड़ाई में सभी देश परमाणु धमाके करते हैं । इन धमाकों में जीत तो किसी को नहीं मिलती , लेकिन पूरी दुनिया बर्बाद जरूर हो जाती है । इस बर्बाद दुनिया में सिर्फ तीन ही इंसान जिंदा बचे थे और तीनों किसी वीरान सी जगह पर बेहोश पड़े थे, जल्दी ही सबसे पहले लड़की के शरीर में हलचल होती है । जिसका नाम टीना था,देखते ही देखते टीना को होश भी आ जाता है । लेकिन होश में आते ही बो बहुत तेज चीखी । वो इस नई जगह को देखकर डर गई थी, यहां दूर-दूर तक कोई भी नजर नहीं आ रहा था। उसे बस इतना याद था, कि बो एक पार्टी में गई हुई थी, लेकिन वो यहां कैसे पहुंची इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं था। जल्दी ही वो खुद को संभाल कर ,इस नई जगह को देखने लगी, इसी बीच उसकी नजर राघव पर पड़ती है।जो थोड़ी ही दूर बेहोश पड़ा था,वो जैसे ही उसके पास जाती है ,तो उसे भी होश आ जाता है,राघव भी इस नई जगह को देखकर डर जाता हैं। लेकिन जब उसकी नजर टीना पर पड़ती है।तो वह बेहद खुश हो जाता है,टीना उसकी सगी छोटी बहन थी । दोनों भाई-बहन पार्टी में गये थे । लेकिन दोनों को नहीं पता था कि , वो यहां कैसे पहुंचे दोनों भाई-बहन जिंदा थे, इसलिए दोनों ही खुशी मना रहे थे । जल्दी ही दोनों की नजर तीसरे बेहोश इंशान पर पड़ती है । जिसका नाम आयुष था, देखते ही देखते आयुष को भी होश आ गया,और वह भी इस नई जगह को देखकर हैरान हो गया , बो जल्दी ही खुद को संभालकर अपने जिंदा होने की खुशी मनाने लगा । इस नई जगह को देखकर तीनों समझ गए थे ।कि पूरी दुनिया खत्म हो चुकी है , और पूरी दुनिया में वो तीनों ही जिंदा बचे हैं , कुछ देर बाद तीनों चलने लगे ताकि रहने की कोई जगह ढूंढ सकें तीनों जिंदा तो जरूर थे। लेकिन तीनों के पास रहने की कोई जगह नहीं थी, भूख प्यास तीनों को ही परेशान कर रही थी। काफी देर चलने के बाद वो समुद्र के किनारे पहुंच जाते हैं। समुद्र को देखकर तीनों खुश हो गए । क्योंकि वह मछली खाकर अपनी भूख मिटा सकते थे । तीनों पहले समुद्र में नहाने लगाते हैं, और फिर किनारे पर आराम करते हैं । इसके बाद वो जैसे ही वापस जाने लगते हैं , तो उन्हें किनारे पर कई क्रैब्स दिखते हैं , इतने सारे क्रैब्स देखकर आयुष खुश हो गया , क्योंकि उसे खाने में क्रैब्स बहुत अच्छे लगते थे । टीना और राघव ने कभी भी क्रैब्स नहीं खाए थे । इसलिए वो क्रैब्स देखकर डर गए थे । इससे पहले कि टीना किनारे से दूर जा पाती तभी उसके पैर पर एक क्रैब काटता है । आयुष जल्दी-जल्दी उस क्रैप को मारता है,और फिर उसे खाने लग जाता है। टीना एक तरफ बैठकर अपना पैर देखने लगी , जबकि आयुष लगातार खा रहा था । टीना को दर्द से परेशान होता देखकर आयुष उसके पास आता है । वो जल्दी-जल्दी उसकी ड्रेस को फाड़कर उसके पैर पर बांध देता है । उसके बाद टीना का दर्द कम हो जाता है। तभी आयुष की नजर टीना के शरीर पर पड़ती है । टीना का चिकना गोरा शरीर देखकर वह उत्तेजित हो गया। उधर भूख से परेशान राघव भी क्रैब्स खाने लग जाता है।क्योंकि उसके पास कोई रास्ता नहीं था । देखते ही देखते आयुष की हरकतों ने टीना को इतना उत्तेजित कर दिया । कि वह आराम से उसके साथ संबंध बना सके। जल्दी ही उनका काम हो जाता हैं। थोड़ी देर बाद बो तीनों वहा से चलने लगते है। ताकि रहने की कोई जगह ढूंढ सकें। कुछ देर चलने के बाद उन्हें एक घर नजर आता है । उसके बाद वह जल्दी-जल्दी घर के पास आते हैं । लेकिन इस घर में ना तो पीने का पानी था, और ना ही कोई खाने की चीज थी पूरे घर में कोई भी इंसान नहीं था । लेकिन एक डॉगी जरूर उन्हें छुपकर देख रहा था । तीनों जैसे ही घर से बाहर आते हैं , तो उनकी नजर उसी डॉगी पर पड़ती है, जो घर में छुपकर उन्हें देख रहा था ।डॉगी उन्हें देखकर काफी भौंकता है तीनों समझ गए थे कि वो उन्हें कुछ दिखाना चाहता है , इसलिए तीनों ही उसके पीछे-पीछे चलने लगते हैं। काफी देर चलने के बाद तीनों एक हरी भरी जगह पर पहुंच गए, तीनों इस जगह को देखकर खुश हो गए। क्योंकि यहां खाने पीने की कई चीजें थी इस जगह पर खाने के लिए, कई फल थे और पीने के लिए काफी पानी भी था । इंसानी जिंदगी के लिए यहां सब कुछ था । इसलिए तीनों ने यहीं रुकने का फैसला कर लेते है। कुछ ही देर बाद रात हो गई तीनों ने आग जला ली थी। ये सब उसके पास बैठकर फल खा रहे थे । डॉगी भी इसी जगह पर था , और उसने अभी-अभी एक खरगोश का शिकार किया था । वो खरगोश को नीचे रखकर भौंकने लगा। और तीनों उसकी आवाज सुनकर डर जाते हैं । तीनों को लगा कि कोई खतरा है । इसीलिए डॉगी भौंक रहा है। आयुष हिम्मत दिखाकर आगे बढ़ता है। और जब उसकी नजर खरगोश पर पड़ती है। तो वो बेहद खुश हो जाता है । वो यह बात बाकियों को भी बताता है , कि डॉगी हमारे लिए खरगोश लेकर आया है। डॉगी का कारनामा देखकर तीनों खुश हो गए थे । दरअसल डॉगी भी पका हुआ मांस खाना चाहता था । इसीलिए वो खरगोश को मार कर लाया था। जल्दी ही आयुष मांस को पका लेता है उसके बाद तीनों मिलकर मांस खाने लगते हैं । डॉगी भी मांस मांगता है। तो टीना उसे मांस दे देती है । टीना को डॉगी पर प्यार आने लगा था । इसलिए वो उसका नाम चेतन रख देती है । मांस खाने के बाद आयुष टीना के साथ संबंध बनाने लगा । चेतन भी उनके पास ही बैठा उनकी हर हरकत देख रहा था । राघब को उनकी हरकतें अच्छी नहीं लगतीं है। इसलिए वह दुखी होकर एक तरफ चला जाता हैं। जल्दी ही आयुष अपना पानी निकालकर सो जाता है । जबकि टीना हाथ मुंह धोने लगती है। उसे जब राघब नजर नहीं आता। तो वह परेशान होकर उसे ढूंढने लगती है। जल्दी ही वह राघब के पास पहुंच जाती है। उसे परेशान देखकर वो, उससे उसकी परेशानी का कारण पूछती है। जिस पर राघब उसे बताता है । कि मैं अकेलापन महसूस कर रहा हूं। उसकी बात सुनकर टीना समझ गई थी। कि राघब प्यार चाहता है वो राघब को खुश देखना चाहती थी । इसलिए वो उसे गर्म कर देती है । उसके बाद राघब टीना के साथ संबंध बनाने लगता है । चेतन दोनों की हरकतें देख रहा था। और उसे उनकी हरकतें अच्छी नहीं लगती । अगले दिन दोनों लड़के काम कर रहे थे । लेकिन टीना चेतन के साथ खेल रही थी । दोनों लड़के लकड़ियां काट रहे थे । ताकि वो एक छोटा सा घर बना सकें। टीना चेतन के साथ घूमने फिरने लगी थी । इसी बीच टीना कुछ फल देखकर उन्हें खाने लगती है । लेकिन चेतन एक खरगोश के पीछे लग जाता है । वो फिर से मांस खाना चाहता था । और व जल्दी ही खरगोश मार देता है । कुछ देर बाद तीनों मांस खाने लगे । चेतन भी उनके साथ मांस खाने लगा। तीनों यहां आकर खुश थे। यहां खाने पीने की कोई कमी नहीं थी। और ऊपर से चेतन माँस का इंतजाम भी कर देता था । अब कुछ दिनों बाद उनकी मुश्किलें भड जाती है । दोनों लड़कों के कपड़े फट चुके थे । और उनके पास पहनने को कोई कपड़ा नहीं था। टीना का भी यही हाल था । वो पूरा दिन चेतन के साथ घूमती फिरती रहती थी। और चेतन को भी उसके साथ अच्छा लगने लगा था। दोनों लड़कों का जब भी मन करता । तो वह टीना के साथ प्यास बुझा लेते थे। तीनों यहां रहते-रहते जंगली बन चुके थे। दोनों लड़के जंगलियों की तरह शिकार करते थे। और किसी जानवर को मार कर खा जाते थे। ऐसे ही एक रात टीना मछली पका रही थी। और इसी बीच राघब एक मरा हुआ हिरण उसके पास लाता है । टीना को हिरण का मांस बेहद पसंद था। आयुष भी हिरण देखकर खुश हो गया । राघब ने बहुत मेहनत से इस हिरण का शिकार किया था। उस पक्षी को दूर फेंक देता है । जिसका शिकार चेतन ने किया था। और उसका मांस चेतन को बहुत पसंद था। जल्दी ही तीनों हिरण को पकाकर खाने लगे। जैसे ही चेतन उनसे मांस मांगता है ।तो दोनों लड़के उसे डांट कर भगा देते हैं। मांस खाने के बाद जब टीना अंदर चली गई ।तो उसके पीछे-पीछे राघब भी जाने लगता है । तो आयुष उसे रोक देता है। आयुष टीना के साथ पहले मजे करना चाहता था। वो टीना से मजे करने के लिए राघब से लड़ने को भी तैयार हो गया । राघब उसे अपना पसंदीदा चाकू देता है । चाकू पाकर आयुष खुश हो गया और वो राघब को अंदर जाने देता है । राघब अंदर आकर टीना के साथ मजे करने लगा । जबकि आयुष चेतन का मजाक उड़ाकर उसे भगा देता है। अगली सुबह टीना नदी में नहा रही थी । और चेतन उसे दूर से देखकर उत्तेजित हो रहा था। नहाने के बाद टीना घर में आती है । और उसे दोनों लड़के नजर नहीं आते है । दोनों लड़के शिकार पर गए हुए थे । टीना को अकेली देखकर चेतन भौंकने लगता है। उसकी यह हरकत देखकर टीना डर जाती है । देखते ही देखते चेतन उसे नीचे गिराता है । और फिर चेतन भी टीना के साथ मजे करने लग जाता है । रात को जब दोनों लड़के वापस आते हैं तो । उन्हें घर में टीना और चेतन नजर आते हैं। चेतन दोनों को देखकर भौंकने लगता है। लेकिन टीना मुस्कुराने लगी थी ।दोनों लड़के टीना की मुस्कुराहट देखकर समझ गए थे। कि चेतन ने टीना के साथ क्या किया। आयुष गुस्से में आकर चेतन पर हमला करता है । लेकिन उसका निशाना चूक जाता हैं। जिसके बाद चेतन उस पर टूट पड़ता है। देखते ही देखते उसने आयुष को काफी जख्मी कर दिया था। उसके बाद दोनों लड़के डर कर भाग जाते हैं। थोड़ी देर बाद राघब वापस आकर घर में आग लगा देता है। उसे भी टीना पर बहुत गुस्सा आया था। इसीलिए उसने यह हरकत की थी , टीना और चेतन घर में थे । लेकिन वो दोनों किसी तरह बाहर निकल जाते है।और उसी पल राघब वहां से भाग जाता है । टीना ने उसे भागते हुए नहीं देखा था। इसलिए उसका शक आयुष पर जाता है। चेतन राघब के पीछे लगा हुआ था। लेकिन बीच रास्ते में ही आयुष चेतन पर टूट पड़ता है । वो हर हाल में चेतन से बदला लेना चाहता था । क्योंकि चेतन ने टीना के साथ मजे किए थे। इसी बीच राघब भी आकर चेतन को पकड़ लेता है । उसके बाद दोनों मिलकर चेतन का जबड़ा तोड़ देते हैं। उसी समय चेतन के प्राण निकल जाते है। चेतन का पीछा करते-करते टीना भी उनके पास पहुंच जाती हैं। और उसे पता चल गया था कि, दोनों लड़कों ने मिलकर चेतन को मार दिया है। दोनों की दरिंदगी देखकर वो इतना डर जाती है । कि डर के मारे वह भागने लगती है। राघब उसे पकड़ने की कोशिश तो करता है। लेकिन वह पकड़ नहीं पाता । अगली सुबह आयुष टीना को पकड़ लेता है। वो उसकी इज्जत लूटने ही वाला था कि, तभी राघब आकर उसे रोक देता है । राघब ने फैसला कर लिया था कि , बो ही टीना का प्यार पाएगा। जबकि आयुष टीना पर अपना हक जता रहा था । दोनों लड़के टीना के लिए लड़ने लगे । और लड़ाई में राघब आयुष को मार देता है । और अंत में राघब और टीना ही जिंदा बचे थे । और दोनों मिलकर जिंदगी बिताने लगे थे। यहीं पर इस कहानी का अंत हो जाता हैं। आपको यह कहानी कैसी लगी। कमेंट करके जरूर बताये। 

Sunday, 16 February 2025

जब प्यार बंधन बन जाए | एक नई ज़िंदगी की शुरुआत | Heart Touching Story | BKSHindiKahaniyan

कभी-कभी हम इतने सालों तक एक ही रास्ते पर चलते रहते हैं कि हमें यह एहसास भी नहीं होता कि यह रास्ता हमें कहाँ ले जा रहा है। हम अपने ही बनाए गए रिश्तों में इतने खो जाते हैं कि भूल जाते हैं कि हम कौन थे, क्या चाहते थे। लेकिन क्या होगा अगर किसी दिन हमारी ज़िंदगी अचानक बदल जाए? क्या होगा अगर हमें यह एहसास हो कि हम जिन रिश्तों को सब कुछ समझ रहे थे, वो दरअसल हमें रोक रहे थे? आज मैं आपको जूलिया की कहानी सुनाने जा रही हूँ... एक ऐसी औरत की कहानी, जिसने अपनी ज़िंदगी को दोबारा जीना सीखा।"
जूलिया की शादी को दस साल हो चुके थे। एक वक्त था जब वो अपने पति जैक से बेइंतहा प्यार करती थी। उनके साथ बिताया हर लम्हा उसके लिए किसी सपने से कम नहीं था। लेकिन धीरे-धीरे, शादी सिर्फ एक जिम्मेदारी बनकर रह गई।

सुबह उठना, घर संभालना, पति के लिए खाना बनाना, सफाई करना – यही उसकी दिनचर्या बन चुकी थी।

शाम को जब जैक ऑफिस से लौटते, तो वो बिना उसकी तरफ देखे सिर्फ खाना मांगते।

"तुम अब 25 की नहीं रही... समझी? खाना बनाओ, सफाई करो और अपने सीरियल्स देखो!"

जूलिया की आँखें नम हो गईं। क्या शादी का यही मतलब होता है? एक वक्त था जब जैक उसकी तारीफों के पुल बांधता था। अब उसे देखना भी ज़रूरी नहीं समझता।

उस रात, जूलिया सो नहीं पाई। वो सोचती रही कि क्या उसने सच में अपनी ज़िंदगी को सिर्फ एक 'ड्यूटी' बना दिया है?


अगले दिन, जूलिया घर से बाहर निकली। वो बस थोड़ी देर के लिए ताज़ी हवा लेना चाहती थी। पास के कैफ़े में बैठकर उसने कॉफी का ऑर्डर दिया।

तभी एक जवान आदमी ने उसकी टेबल के पास आकर कहा,
"मुझे लगता है कि मैंने आपको पहले कहीं देखा है..."

जूलिया ने सिर उठाकर देखा। वो पड़ोस में रहने वाला डेविड था। उम्र में उससे छोटा, लेकिन आँखों में एक अजीब सी ईमानदारी और गर्मजोशी थी।

"क्या हुआ? आप बहुत खोई हुई लग रही हैं," डेविड ने पूछा।

जूलिया हल्का सा मुस्कुराई, "कुछ नहीं... बस ज़िंदगी के बारे में सोच रही थी।"

डेविड ने एक पल के लिए उसकी आँखों में देखा और कहा,
"आपको लगता है कि आपकी ज़िंदगी खत्म हो गई है, पर ऐसा नहीं है। जब भी आप चाहें, आप दोबारा जी सकती हैं!"

ये बात जूलिया के दिल में कहीं गहरे उतर गई।

सच्चाई का सामना

जूलिया ने सोचा कि वो जैक के लिए कुछ खास करेगी। उसने रात का डिनर प्लान किया और उसके ऑफिस जाने का फैसला किया।

लेकिन जब वो वहां पहुँची, तो जो देखा, उसने उसकी दुनिया हिला दी।

जैक किसी एक जवान लड़की को बार में किस कर रहा था।

जूलिया का गला सूख गया। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसका पति उसे धोखा दे रहा है, और वो भी इतनी बेफिक्री से!

ग़ुस्से में उसने जैक से पूछा,
"तो ये थी तुम्हारी 'नाइट शिफ्ट'?"

जैक ने उसकी तरफ देखा भी नहीं। जैसे वो अब उसकी ज़िंदगी में मायने ही नहीं रखती।

उस रात, जूलिया अपने बिस्तर पर लेटी, लेकिन नींद कोसों दूर थी।

"क्या मेरी ज़िंदगी बस यहीं तक थी?"

एक नई शुरुआत

सुबह होते ही, उसने फैसला कर लिया कि अब वो अपनी ज़िंदगी को खुद संवारेंगी।

वो फिर से डेविड से मिली। इस बार, उसने अपने दिल की सारी बातें कह दीं।

डेविड मुस्कुराया और कहा,
"आप इतनी खूबसूरत हैं, लेकिन आपने कभी खुद को देखा ही नहीं। आप हर दिन दूसरों के लिए जीती हैं। अब खुद के लिए जीने की बारी है!"

जूलिया पहली बार खुद को आईने में देख रही थी। वो अब भी उतनी ही सुंदर थी, लेकिन सालों तक खुद को नज़रअंदाज़ करते-करते उसने अपनी पहचान खो दी थी।

डेविड ने धीरे से उसका हाथ थामा और कहा,
"मैं चाहता हूँ कि आप अपनी ज़िंदगी को फिर से जिएं, बिना किसी डर के!"

खुद के लिए खड़े होना

अगले कुछ दिनों में, जूलिया ने अपने पति से तलाक लेने का फैसला किया।

जब जैक को ये पता चला, तो वो ग़ुस्से में चिल्लाने लगा,
"तुम मुझे छोड़कर कहाँ जाओगी? तुम्हारी उम्र निकल चुकी है!"

लेकिन इस बार, जूलिया कमजोर नहीं पड़ी। उसने आत्मविश्वास से जवाब दिया,
"मेरी उम्र नहीं निकली, जैक। मेरी नई ज़िंदगी अभी शुरू हो रही है!"

नया प्यार, नई ज़िंदगी

तलाक के बाद, जूलिया ने अपने लिए नए सपने देखने शुरू किए। वो पहले से ज्यादा खुश थी।

डेविड अब उसका सबसे अच्छा दोस्त बन चुका था, और धीरे-धीरे... दोस्ती प्यार में बदलने लगी।

एक शाम, डेविड ने उसके सामने घुटनों के बल बैठकर कहा,
"क्या तुम ज़िंदगी को दोबारा मेरे साथ जीना चाहोगी?"

जूलिया की आँखों में आँसू आ गए, लेकिन इस बार ये आँसू खुशी के थे। उसने हाँ कह दिया।

अंतिम शब्द

"कभी-कभी, हमें अपनी ज़िंदगी खुद बदलनी पड़ती है। हम अगर खुद को प्यार नहीं करेंगे, तो कोई और क्यों करेगा? जूलिया ने यह सीखा कि उसका आत्म-सम्मान सबसे ज़रूरी था।"

तो दोस्तों, आपको यह कहानी कैसी लगी? क्या आपने कभी किसी ऐसे मोड़ का सामना किया है जहाँ आपको अपनी ज़िंदगी के लिए खुद खड़ा होना पड़ा? नीचे कमेंट में बताइए!

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अगली बार फिर मिलेंगे एक नई कहानी के साथ!

Wednesday, 12 February 2025

ये सच्ची कहानी है मैनपुरी जिले की | Bks Hindi Kahaniyan

"क्या होगा जब रिश्तों की मर्यादा टूट जाए? मैनपुरी के एक गांव में एक देवर और भाभी के रिश्ते ने सबको चौंका दिया। ऐसा क्या हुआ, जिसने पूरे परिवार को एक उलझन में डाल दिया?" जानने के लिए बनें रहें इस वीडियो में, और आप कहा से देख रहे है, ये मुझे कंमेंट करके जरूर बताएं। 

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के एक छोटे से गांव में अमित नाम का एक लड़का रहता था। उसकी उम्र लगभग 18 साल थी, और वह 12वीं कक्षा का छात्र था। अमित के बड़े भाई राकेश की शादी हाल ही में सीमा नाम की लड़की से हुई थी। सीमा बहुत ही खूबसूरत और समझदार थी। राकेश शादी के कुछ समय बाद ही पैसे कमाने के लिए दिल्ली चला गया।
राकेश के जाने के बाद, सीमा अकेलेपन से जूझ रही थी। वह अपने पति को याद करती थी, लेकिन नौकरी की मजबूरी के कारण राकेश लंबे समय तक घर नहीं आ सकता था। सीमा को घर में अमित का सहारा था। अमित भोला-भाला और सीधा लड़का था, जो अपने भाई के कहे अनुसार हर काम करता था। दिन सीमा के मायके से फोन आया कि उसकी मां बीमार है। सीमा ने अमित से कहा, "देवर जी, मुझे मायके जाना है। क्या तुम मुझे छोड़ सकते हो?" अमित ने तुरंत हामी भर दी। उसने अपनी बाइक निकाली और सीमा को लेकर उसके मायके जाने लगा। रास्ते में एक घना और सुनसान जंगल पड़ा। सीमा ने अचानक कहा, "देवर जी, यहां बाइक रोक लो। मुझे थोड़ा काम है।"
अमित थोड़ा हैरान हुआ लेकिन उसने कुछ नहीं कहा और बाइक रोक दी। सीमा उसे झाड़ियों की ओर चलने को कहने लगी। अमित ने पूछा, "भाभी, यहां झाड़ियों में ऐसा क्या काम है?" सीमा ने कहा, "बस तुम मेरे साथ आओ।"

झाड़ियों के बीच पहुंचने पर सीमा ने अमित से कहा, "देवर जी, मुझे तुम्हारे साथ कुछ समय बिताना है।" भोला-भाला अमित समझ नहीं पाया। सीमा ने उसे जमीन पर बैठाया और उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। अमित को धीरे-धीरे समझ में आने लगा कि सीमा क्या चाहती है।
सीमा ने धीरे-धीरे अमित को अपनी ओर आकर्षित किया। वह दोनों इतने करीब आ गए कि उन्होंने संबंध बना लिया। इस घटना के बाद दोनों के बीच अजीब सा रिश्ता बन गया। 
इसके बाद, जब भी मौका मिलता, सीमा और अमित एक-दूसरे के करीब आने लगे। सीमा ने अपने पति राकेश को पूरी तरह भुला दिया और अब अमित के साथ अपना समय बिताने लगी। अमित को भी इस सब में आनंद मिलने लगा।
नौ महीने बाद सीमा ने एक बच्चे को जन्म दिया। राकेश दिल्ली से घर वापस आया और इस खुशी में झूम उठा। उसे इस बात का बिल्कुल भी शक नहीं हुआ कि बच्चा उसका नहीं है। वह इसे अपना ही मानकर पालने लगा।
धीरे-धीरे गांव के लोग सीमा और अमित के रिश्ते को लेकर बातें करने लगे। कुछ लोगों ने यह बात राकेश तक पहुंचाई। एक दिन राकेश ने सीमा से इस बारे में पूछा। सीमा ने इसे झूठ बताया और राकेश ने भी यह सोचकर इसे अनदेखा कर दिया कि शायद लोग यूं ही बातें बना रहे हैं।
अमित और सीमा के बीच का यह रिश्ता कुछ समय और चला। लेकिन एक दिन अमित के मन में अपराधबोध जागा। उसने महसूस किया कि वह गलत कर रहा है और अपने भाई के साथ धोखा कर रहा है। अमित ने सीमा से मिलना बंद कर दिया और अपने गांव से दूर चला गया।
सीमा इस बात से परेशान हो गई। उसने अमित से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अमित वापस नहीं लौटा। सीमा अब अकेली रह गई थी। वह अपने पति के साथ तो रह रही थी, लेकिन उसे हमेशा इस बात का डर सताता था कि अगर सच सामने आ गया तो उसका घर टूट जाएगा।
"यह कहानी हमें सिखाती है कि गलतियां जिंदगी को बर्बाद कर सकती हैं। रिश्तों की मर्यादा को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
अगर यह कहानी आपको छू गई हो, तो इसे दूसरों तक जरूर पहुंचाएं। और ऐसी और कहानियां सुनने के लिए हमारे चैनल 'बी। के।एस। हिंदी कहानियाँ' को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक करना न भूलें। धन्यवाद!"

Sunday, 5 January 2025

एक बाप ने 14 साल की बच्ची से किया गलत काम | Emotional story | Bks Hindi Kahaniyan

साथियों समीर अपनी 14 साल की बेटी रोशनी के साथ लगातार शारीरिक संबंध बना रहा था लेकिन वह इतनी बुरीतरीके से संबंध बना रहा था । कि रोशनी की हालत खराब होती जा रही थी लेकिन रोशनी भी अपने पिता का भरपूर साथ दे रही थी इन दोनों की खूबसूरत सिसकारियां पूरे रूम में गूंज रही थी लगभग एक साल तक इन दोनों का खेल ऐसे ही चलता रहा लेकिन एक साल के बाद इन दोनों के साथ कुछ ऐसा होता है ।साथियों जिसे जानने के बाद आपके होस उड जाएंगे आप भी हैरान और परेशान हो जाओगे क्या होगा आगे क्या समीर रोशनी को मारने का प्लान बनायेगा या फिर लगातार संबंध बनाता रहेगा या फिर रोशनी कोई एक्सन लेगी अपने पापा के खिलाफ। जानने के लिए इस कहानी में आप अंत तक बने रहे और मेरी आप लोगों से रिक्वेस्ट है अगर अभी तक आपने मेरे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो कर लीजिए और वीडियो को लाइक कर दीजिए आपका एक लाइक हमे मोटीवेट करता है और इस वीडियो मे कमेंट करके अपनी राय जरूर दे चलो चलते हैं अपनी कहानी की तरफ दरअसल साथियों यह सच्ची कहानी भोपाल की है जहां पर समीर नाम का एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहा करता था लेकिन समीर की शादी हो चुकी थी समीर के तीन बच्चे भी थे । समीर के कारोबार की बात करें तो उसका दूध का कारोबार था और पैसा अच्छा खासा आता था किसी तरह की कोई दिक्कत परेशानी नहीं थी लेकिन समीर का अपनी पत्नी के साथ अक्सर झगड़ा हुआ करता था जब वह रात में अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाया करता था तो उसकी पत्नी एक ही बार समीर को संबंध बनाने देती थी लेकिन जब समीर दूसरी बार संबंध बनाने की कोशिश करता था तो उसको मना कर देती थी और संबंध बनाने नहीं देती थी इस पर समीर को गुस्सा आ जाया करता था वह उससे मारपीट शुरू कर देता था उसको गाली गलौज देना शुरू कर देता था एक दिन साथियों मामला इतना बढ़ जाता है कि उसकी पत्नी समीर को छोड़कर और अपने तीनों बच्चों को लेकर अपने मायके चली जाती है और समीर से कहती है कि मैं तुम्हारे साथ एक पल भी नहीं रह सकती तुमसे तलाक ले लूंगी अब समीर अकेला हो जाता है घर उसको काट खाने को दौड़ता था यह सोच रहा था कि आखिर क्या किया जाए लगभग इस तरीके से छे महीने का समय गुजर जाता है छे महीने के अंदर समीर अपनी पत्नी से दो बार मिलने के लिए जाता है और उसको मनाने की कोशिश किया और उसको वापस लाने की कोशिश किया लेकिन उसकी पत्नी ने उसकी एक ना सुनी और कहती है कि मैं तुम्हारे साथ अब बिलकुल नहीं रहना चाहितीतुम यहां से चले जाओ जब समीर अपनी पत्नी की यह बात सुनता है तो समीर वापस चला जाता है अब यही सोचने लगता है कि आखिर अब क्या करेगा वह क्योंकि वह तो अकेला हो चुका था जो उसकी शारीरिक जरूरतें हैं अब कैसे उसकी पूरी होंगी इसीलिए उसने एक प्लान बनाया और अपने दोस्त से कहा कि मै दूसरी शादी करना चाहता हू मेरे लिए कोई ऐसी महिला बताओ जो मुझसे शादी कर सके फिर उसके दोस्त ने कहा कि आप मुझे एक महीने का समय दे ताकि मैं एक महीने के अंदर ऐसी कोई महिला बताऊंगा जो आपसे शादी कर सके एक महीने के बाद उसके दोस्त ने एक ऐसी महिला बताई जो विधवा थी उसके पति का एक्सीडेंट हो गया था जिसमे उसकी मौत हो गयी थी और उस महिला की एक 12 साल की बेटी भी थी जो उसी के साथ रहती थी जब उसके दोस्त ने यह कहा कि उसकी एक 12 साल की बेटी है और वह महिला विधवा है और बो शादी करना चाहती है तो तुम्हारे लिए यह बिल्कुल परफेक्ट रहेगी आप इससे शादी कर लो समीर को उसकी बात पसंद आ जाती है और वह कहता है कि ठीक है मैं तैयार हूं उसके बाद वो समीर की शादी उस महिला से करा देता है अब समीर उस महिला को अपनी पत्नी बनाकर घर ले जाता है इन दोनों का वैवाहिक जीवन बड़े अच्छे से गुजर रहा था और समीर की शारीरिक जरूरतें भी पूरी होने लगी थी और उस महिला की भी शारीरिक जरूरतें पूरी होने लगी थी किसी तरह की कोई दिक्कत परेशानी नहीं होती थी अच्छा समीर का जो कारोबार था वह काफी अच्छा चल रहा था पैसों की तो किसी तरह से कोई प्रॉब्लम नहीं थी जो 12 साल की लड़की थी जिसका नाम रोशनी है रोशनी भी इन्हीं के साथ रहती थी एक दिन समीर की पहली पत्नी को पता लग जाता है कि समीर ने दूसरी शादी कर ली है लेकिन उसकी पत्नी को कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि उसकी पत्नी ने तो उसको हमेशा के लिए छोड़ने का बोल दिया था उसके बाद उसने तलाख भी ले लिया था इसलिए दूसरी शादी करने के बाद भी पहली पत्नी को कोई फर्क नहीं पड़ा था खैर धीरे धीरे इस तरीके से लगभग दस महीने का समय गुजर जाता है समीर की जो दूसरी पत्नी थी वह गर्भवती होती है वह बच्चे को जन्म देने वाली थी तो उसकी हालत खराब हो रही थी उसको काफी दर्द हो रहा था इसलिए समीर उसको एक पास के ही हॉस्पिटल में लेकर जाता है और वहां पर जाकर उसका चेकअप कराता है । चेकअप होने के बाद डॉक्टर उसे भर्ती कर लेता हैं लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत की बात यह थी कि जो उसकी पत्नी के बच्चा होने वाला था बो बच्चा पेट में ही मर चुका था इस बजह से उस महिला को काफी परेशानी हो रही थी बो काफी दर्द सहन कर रही थी धीरे धीरे लगभग एक घंटे का समय गुजर गया था जो बच्चा पेट मे था उसको बाहर निकालते समय महिला को काफी दर्द हो रहा था और दर्द के मारे उस महिला की वहीं पर मौत हो जाती है जब डॉक्टर साहब उसको बचा नहीं पाते हैं तो समीर से कहते हैं कि हम आपकी पत्नी और आपके बच्चे को नहीं बचा पाए समीर अपनी पत्नी को हॉस्पिटल से लेकर घर आ जाता है और उसका अंतिम संस्कार कर देता है अब समीर फिर से अकेला हो चुका था खोया खोया हुआ सा रहने लगा था ना ही वह किसी से बात करता था और ना ही वह किसी से बोलता इस तरह से लगभग धीरे-धीरे छे महीने का समय और गुजर गया था उसकी सौतेली बेटी लगभग 14 साल की हो चुकी थी एक दिन समीर घर पर अकेला बैठा हुआ था उसकी सौतेली बेटी नहाने के लिए बाथरूम जाती है और जब बाथरूम से बाहर निकलती है तो उसका पूरा शरीर भीगा हुआ था । और उसके कपड़े भीगे हुए थे उसके भीगें हुए कपड़ों में पूरा शरीर नग्न दिख रहा था जब समीर की नजर अपनी सौतेली बेटी के ऊपर पड़ी तो उसका दिमाग खराब हो जाता है वह सोचने लगता है कि आखिर यह जो इसका शरीर है इतना गदरा हुआ शरीर है आखिर अगर यह शरीर उसे मिल जाए तो उसकी जिंदगी ही बदल जाएगी क्योंकि वह यह सोच रहा था यह तो उसकी सगी बेटी तो है नहीं उसकी दूसरी पत्नी की बेटी है उसकी सौतेली बेटी है अगर यह उसके साथ कुछ गलत काम करेगा तो कोई दिक्कत परेशानी नहीं है अब वह यही सोच रहा था तो उसने अपने दिमाग में एक खौफनाक प्लान बनाया उसने सोचा कि इसको ब्लू फिल्म दिखा के इसको सबसे पहले लत लगाई जाए और जब उसको ब्लू फिल्म की लत लग जाएगी तब उसके साथ बड़ी आसानी से संबंध बना लेगी अब एक दिन समीर फ्री बैठा हुआ था वही अपनी सौतेली बेटी को अपने पास बुलाता है अपने पास बैठाता है और बोलता है अब हम दोनों साथ में वीडियो देखते है रोशनी ने भी हा पापा बोल दिया उसको नहीं पता था कि उसके सौतेले पापा के दिमाग मे कुछ और चल रहा है उसके बाद समीर मोबाइल में तरह तरह की वीडियो चलाता है उसके बाद रोशनी खूब ध्यान से वीडियो देख रही थी उसी समय समीर ने अचानक से ब्लू फिल्म चलाने लगता है जब उसकी सौतेली बेटी यह सब देखती है तो वह चौक जाती है और कहती है कि नहीं पापा यह क्या देख रहे हो आप तो गंदे हो तो समीर कहता है कि नहीं बेटा यह सब अच्छा है ये सबके पास होती हैं इसकी जानकारी सबको होती हैं तुमको भी होनी चाहिये और आगे चलकर आपको बहुत अच्छा लगेगा तो उसकी बेटी भी उसकी बात सुनकर यह सब वीडियो देखने लगती है वीडियो देखते देखते वह उत्तेजित हो जाती है समीर भी उत्तेजित हो जाता है लेकिन वह ये नहीं सोचता है कि वह अभी उसके ऊपर हाथ डालें वह सोचता है कि कुछ महीने और गुजर जाएंगे उसके बाद वह उसके ऊपर हाथ डालेगा अब उसकी सौतेली बेटी को यह सारी वीडियो अच्छी लगने लगी थी वह कभी कभी अपने सौतेले पापा से फोन लेकर गंदी वीडियो यानि कि ब्लू फिल्म देखा करती थी अब इस तरीके से लगभग एक महीने का समय गुजर गया था अब तो रोशनी को ब्लू फिल्म देखने की लत भी लग चुकी थी समीर को अंदाजा हो चुका था कि उसको अब ब्लू फिल्म देखने की लत लग चुकी है अब यह सही समय है कि उसके साथ संबंध बनाने का मौका तो एक दिन रात में समीर अपनी सौतेली बेटी को अपने पास बुलाता हैऔर अपने पास सोने के लिए उससे कहता है कि तुम मेरे पास सो जाओ आज हम दोनों एक साथ ही सोएंगे रोशनी को अंदाजा नहीं था कि बो आज अपने सौतेले पिता के साथ संबंध बनाने वाली है और बो दोनो बेड पर लेटकर ब्लू फिल्म देखने लगते हैं देखते देखते रोशनी उत्तेजित होने लगती हैऔर समीर भी उत्तेजित होने लगता है उसके शरीर पर हाथ फेरने लगता है उसको जगह जगह से छूने लगता है और समीर एक ही झटके में अपनी सौतेली बेटी को निर्वस्त्र कर देता है उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं रहता है यह सब देखकर रोशनी को अच्छा लग रहा था क्योंकि रोशनी ने जो सब वीडियो में देखा था वह वैसा ही समीर उसके साथ कर रहा था क्योंकि वीडियो देखकर वह सब जान चुकी थी कि आखिर इसमें होता क्या है कितना मजा आता है कितना क्या होता है और उसको ब्लू फिल्म देखने की लत भी लग चुकी थी अब समीर भी अपने कपड़े उतार देता है रोशनी को अभी अच्छा लग रहा था क्योंकि वो पहली बार ऐसा सब देख रही थी समीर ने उसके साथ छेड़खानी लगातार लगभग 15 मिनट तक करता रहा उसके बाद वह उसके साथ संबंध बनाने लगता है लेकिन रोशनी को शुरू में तो अच्छा नहीं लगता है उसको दर्द होने लगता है वह कहती है कि पापा मुझे छोड़ दीजिए मुझे बहुत दर्द हो रहा है लेकिन यह इंसान उसे कहां छोड़ने वाला था यह लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था इतनी दर्दनाक तरीके से संबंध बना रहा था कि रोशनी की चीख निकलने लगती है वह रोने लगती है उसके बाद आधे घंटे तक यह संबंध बनाता है और जब यह थक जाता है तो उसे छोड़ देता है उसके बाद वहीं पर यह दोनों सो जाते हैं फिर अगला दिन होता है समीर अपनी सौतेली बेटी को फिर से अपने पास बुलाता है फिर से ब्लू फिल्म दिखाता है और फिर से उसके साथ संबंध बनाने लगता है लेकिन आज जब समीर उसके साथ संबंध बना रहा था तो रोशनी को भी अच्छा लग रहा था रोशनी को भी मजा आने लगा था वह भी अपने पिता का भरपूर साथ दे रही थी ऐसे ही समीर अपनी सौतेली बेटी के साथ लगातार शारीरिक संबंध बना रहा था । 
 इस तरीके से अब इनका खेल है रोज चलने लगा था । अब रोशनी को भी यह सब अच्छा लगने लगा था रोशनी भी समीर के साथ रोज संबंध बनाया करती थी । लगभग धीरे-धीरे अब आठ महीने का समय गुजर जाता है । रोशनी एक दिन आंगन में खेल रही थी उसी समय पड़ोसी महिलाओं की नजर रोशनी पर पड़ती है तो बो सब उसके पास आती है और उसका बढ़ा हुआ पेट देखती है तो उन महिलाओं को समझने में ज्यादा वक्त नहीं लगा कि रोशनी गर्भवती है इसलिए बो महिलाएं रोशनी को लेकर एक पास के हॉस्पिटल में ले जाती है और वहां पर जब उसका चेकअप करती है तो डॉक्टर यह पुष्टि करते हैं कि रोशनी आठ महीने की गर्भवती है । जब ये बात पड़ोसी और गॉव वाले ऐसा सुनते हैं । तो बो सब दंग रह जाते हैं । उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं । लेकिन उन्हीं लोगों मे से एक आदमी पुलिस को इंफोर्म कर देता है। क्योंकि यह पोक्सो एक्ट का मामला था नाबालिक लड़की का मामला था जब पुलिस यह खबर सुनती है तो तुरंत पुलिस वहां पर पहुंच जाती है और लड़की को अपने कब्जे में ले लेती है । लड़की से पूछताछ करने लगती है कि आखिर बेटा तुम्हारे साथ यह सब किसने किया है क्या तुमने अपनी मर्जी से यह सब करवाया है । क्योंकि लड़की अभी ना समझ थी और गर्भवती हो चुकी थी । इसलिए लड़की जो है बताने में थोड़ा हिचकिचाने लगती हैं। जब उससे थोड़ा सख्ती से पेश आती है पुलिस तो वह टूट जाती है और पूरी कहानी बताती है कि जो उसके सौतेले पिता समीर है वह उसके साथ रोज रात में यह सब हरकत करते हैं और उसको ब्लू फिल्म दिखाया करते थे जब पुलिस यह बात सुनती है हैरान रह जाते है और गांव वाले ने भी यह बात सुनी तो सब दंग रह जाते हैं परेशान हो जाते हैं उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है । अब तुरंत ही समीर को पुलिस गिरफ्तार कर लेती है और उसको थाने ले जाती है और सबसे पहले तो उसकी कुटाई की जाती है बढ़िया तरीके से डंडों से उसको मारा जाता है उसके बाद उससे पूछताछ की जाती है तो बो पूरी कहानी बताता है तो पुलिस भी दंग रह गई और गांव वाली भी दंग रह गए जब इसके बारे में लोगों को सोशल मीडिया और अखबारों के माध्यम से पता लगा तो लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए कि एक बाप अपनी बेटी के साथ इतना गलत काम कैसे कर सकता है । इसने तो बाप बेटी के रिश्तों को ही तारतार कर दिया। लोग बड़े हैरान और परेशान थे बाकी समीर के ऊपर पोक्सो एक्ट का मामला दर्ज करके इसको जेल भेज दिया जाता है और इसको उम्र कैद हो जाती है अब यह अपने गुनाहों की सजा जेल में भुगत रहा है बाकी दोस्तों मेरा मकसद आप लोगों को परेशान करना या फिर हैरान करना नहीं था मेरा मकसद सिर्फ आप लोगों को सचेत करना और जागरूक करना था कि लोग इस तरह के इस समाज में रहते हैं बाकी समीर ने जो अपनी सौतेली बेटी के साथ किया यह लोगों को शर्मसार करने बाली बात है । ये एक समाज में गलत मैसेज देने वाला व्यक्ति था बाकी दोस्तों इस कहानी से आपको क्या सीख मिलती है आप हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताये मिलते हैं एक नई वीडियो में आप अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें धन्यवाद

दो दिलों की कहानी है | Emotional story | Bks Hindi Kahaniyan

यह कहानी मेरी और तमन्ना की हैं जो अलीगढ़ की रहने वाली थी।
ये मेरी खुद पर बीती हुई कहानी है। अगर आप भी किसी को वेपन्हा प्यार करते हैं तो जरूर बताएं 

मैनपुरी की हलचल भरी सड़कों और अलीगढ़ की शांत गलियों में, भाग्य ने प्यार की एक ऐसी कहानी बुनी जो दूरियों और सीमाओं को पार कर गई। ये कहानी है तमन्ना और मेरी हैं।


अपनी चमकती आँखों और प्रभावशाली हँसी के साथ तमन्ना, सुशील और सुंदरता का प्रतीक थी। वह अलीगढ़ में रहती थीं और शहर की समृद्ध संस्कृति और विरासत में डूबी हुई थीं। दूसरी ओर, मैं मैनपुरी में रहता था, जो सादगी और आकर्षण से भरपूर एक छोटा शहर था।

गर्मी के एक दिन में हमारी राहें अप्रत्याशित रूप से एक-दूसरे से टकरा गईं, जब मैंने खुद को व्यापारिक यात्रा के लिए अलीगढ़ में पाया। जैसे ही मैं जीवंत बाज़ारों में घूम रहा था, मुझे तमन्ना की झलक मिली, उसकी हँसी हवा में संगीत की तरह नाच रही थी। उस क्षण से, मैं मंत्रमुग्ध हो गया।

ऐसा लग रहा था कि भाग्य हमें एक साथ लाने के लिए कृतसंकल्प है, क्योंकि हमारी मुलाकातें लगातार होती जा रही थीं। हम स्थानीय कैफ़े में एक-दूसरे से टकराते थे या भीड़ भरी सड़कों पर नज़रें चुराते थे। प्रत्येक मुलाकात के साथ, हमारा संबंध गहरा होता गया और दूरियों की बाधाएँ दूर होती गईं।


जैसे-जैसे दिन हफ्तों में बदले, हमारी दोस्ती और भी गहरी होती गई। हम घंटों बातचीत में खोए रहते, अपने सपनों, डर और आकांक्षाओं को साझा करते। तमन्ना की गर्मजोशी ने मुझे एक आरामदायक आलिंगन की तरह घेर लिया, और मुझे उसकी उपस्थिति में सांत्वना मिली।

हमें अलग करने वाली मीलों की दूरी के बावजूद, हमारे प्यार की कोई सीमा नहीं थी। हम एक दूसरे की दुनिया की सुंदरता की खोज करते हुए अन्वेषण की यात्रा पर निकल पड़े। मैंने तमन्ना को मैनपुरी के देहाती आकर्षण से परिचित कराया, जहां विशाल खेतों और बहती नदियों के बीच समय मानो रुका हुआ लगता था। बदले में, उन्होंने अलीगढ़ के इतिहास और संस्कृति की समृद्ध टेपेस्ट्री का अनावरण किया, जहां हर कोने में एक कहानी बताई जाने की प्रतीक्षा में थी।

लेकिन जितना हमने एक साथ बिताए समय को संजोया, उतना ही हमारे अलग-अलग जीवन की उभरती वास्तविकता ने हम पर भारी असर डाला।  अलग होने के विचार से हमारा दिल दुख रहा था, फिर भी हम जानते थे कि हमारा प्यार किसी भी बाधा से अधिक मजबूत था।

सितारों की छत्रछाया के नीचे, अलीगढ़ के क्षितिज की ओर देखने वाले एक विचित्र कैफे में, मैंने तमन्ना के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करने का साहस जुटाया। कांपते हाथों और भावनाओं से भरे दिल के साथ, मैंने उसके प्रति अपने प्यार का इज़हार किया, उस दूरी को पाटने की कसम खाई जो हमें अलग करने की धमकी देती थी।

मेरी खुशी के लिए, जब तमन्ना ने मेरी भावनाओं को दोहराया तो उसकी आंखें खुशी के आंसुओं से चमक उठीं।  उस पल में, हमने बाधाओं को चुनौती देने और अटूट विश्वास के साथ अपने प्यार को कायम रखने का वादा किया।

और इसलिए, मैनपुरी की देहाती सुंदरता और अलीगढ़ की शाश्वत सुंदरता की पृष्ठभूमि के बीच, हमारी प्रेम कहानी सामने आई - सभी बाधाओं पर विजय पाने की प्रेम की स्थायी शक्ति का एक प्रमाण, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो। तमन्ना और मेरे लिए, दूरी महज़ हमारी भक्ति की एक परीक्षा थी - एक परीक्षा जिसे हमने अच्छे अंकों के साथ पास किया, क्योंकि हम प्यार की एक ऐसी यात्रा पर निकल पड़े जो जीवन भर चलेगी।

उसके कुछ दिनों बाद तमन्ना ने मुझे धोखा दे दिया और मुझे बाद में समझ आया वो मुझसे नहीं मेरे पैसों से प्यार करती थी पैसा खत्म बैसे ही वो मुझे छोड़ कर चली गई।


दोस्तों आप भी ऐसी गलती ना करें जो मैंने किया है इसलिए मेने अपनी कहानी आपको आसान सब्दों में बताने की कोसिश की 

तमन्ना की चाहत: एक प्रेम कहानी | Emotional story | Bks Hindi Kahaniyan

यह एक सच्ची कहानी है मेरी और तमन्ना की हम दोनों एक साथ पड़ते थे। 


मेरा नाम भूपेंद्र है, मैनपुरी के एक छोटे से गाँव ककरारा का रहने वाला हूँ। हमारे गाँव की सुंदरता और यहाँ की खूबसूरती अपनी मिट्टी की खुशबू में समेटे हुए है। मेरी 12वीं की पढ़ाई मैनपुरी के एक कॉलेज में हो रही है, जहाँ मैंने पहली बार तमन्ना को देखा। तमन्ना, जिसका नाम जितना खूबसूरत है, उसकी मुस्कान भी उतनी ही मनमोहक है।

वह पहली बार क्लास में आई थी, सरल और सादे कपड़ों में, लेकिन उसकी सादगी ने मेरे दिल को छू लिया। वह भी ककरारा की ही रहने वाली थी, लेकिन हमारी पहली मुलाकात कॉलेज में ही हुई। धीरे-धीरे हमारी बातचीत शुरू हुई, और हम दोनों को एहसास हुआ कि हमारे विचार और सपने कितने मिलते-जुलते हैं।


तमन्ना को पढ़ने का बहुत शौक था, और वह अक्सर लाइब्रेरी में समय बिताया करती। मैं भी उसके साथ लाइब्रेरी जाने लगा। वहीं हमारे बीच गहरी दोस्ती की शुरुआत हुई। उसके सपने, उसकी आकांक्षाएँ, उसका हर शब्द मुझे उसके और करीब ले जाता।


एक दिन, हमने फैसला किया कि हम गाँव की पुरानी हवेली देखने जाएंगे, जो कि ककरारा के बाहरी इलाके में थी। वहां की शांति और पुरानी यादों के बीच हमने अपने दिल की बात कही। तमन्ना ने बताया कि वह भी मुझसे प्यार करती है, लेकिन उसे डर था कि कहीं हमारी दोस्ती में दरार न आ जाए। मैंने उसके हाथों को थामा और कहा, "तमन्ना, तुम्हारी दोस्ती मेरे लिए सबसे कीमती है, और तुम्हारा साथ ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी तमन्ना है।"


हमारी कहानी में तो बस यही एक शुरुआत थी। तमन्ना के साथ हर दिन नई खुशियाँ और नए रंग भरते गए। हमने एक-दूसरे के सपनों का साथ दिया, और साथ में बढ़ते रहे। उसकी वो तमन्ना, जो मेरे दिल में बस गई थी, अब मेरी ज़िंदगी का एक हिस्सा बन चुकी थी।


यह प्रेम कहानी है न सिर्फ दो दिलों की, बल्कि दो सपनों के मिलन की, जो हमें यह बताती है कि सच्चा प्यार हमेशा एक-दूसरे को समझने और साथ देने में ही निहित होता है।



अकेली लड़की जिन्न का इश्क़ और मां की दुआ | मैनपुरी की एक रूहानी सस्पेंस कहानी | Bks Hindi Kahaniyan

अदीना का अटूट विश्वास कहानी की शुरुआत अदीना नाम की एक ग़रीब मगर बेहद ख़ूबसूरत लड़की से होती है। वह उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले में स्थित ए...